Chardham yatra: उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा के बीच मानसून की सक्रियता ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है, हालांकि जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को निर्बाध बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले को 9 सेक्टरों में बांटकर संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन मशीनें, ब्रेकर और राहत दलों को 24 घंटे तैनात किया गया है। वहीं सोमवार सुबह हुई बारिश के चलते जिले के कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी प्रमुख मार्गों को सुचारु कर दिया।चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है। मानसून के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भूस्खलन संभावित स्थानों पर पहले से ही भारी मशीनरी और राहत टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपदा या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर यातायात बहाल किया जा सके। कंट्रोल रूम से पूरे जिले की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।तेज बारिश के कारण जिले के कई स्थानों पर मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। इसका असर स्थानीय जनजीवन पर भी देखने को मिला और स्कूल जाने वाले बच्चों को रास्तों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन, बीआरओ और संबंधित विभागों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बाधित मार्गों को खोल दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।चारधाम यात्रा के बीच मानसून प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है, लेकिन जिला प्रशासन का दावा है कि हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। ऐसे में मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच प्रशासन की सतर्कता और यात्रियों की सजगता ही सुरक्षित एवं सुचारु यात्रा सुनिश्चित करेगी।

